Nithalla Chintan

Nithalla Chintan

  • ₹ 254.00


- ‘निठल्ला चिंतन’ मानवीय विचारों में मेरी खोज एवं लेखन से उपजी कुछ विचारों की अभिव्यक्ति का एक प्रयास है। एक सर्जन होने के नाते वैज्ञानिकता एवं वैज्ञानिक सोच मेरे पेशे की जरूरत है। मेरा ज्यादातर लेखन वैज्ञानिक विधाओं में ही होता है, लेकिन मेरा मानना है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण एक अनूठा सृजनात्मक चिंतन भी तैयार करता है, जो हमारे विचारों की वैज्ञानिक विश्लेषण से उत्पन्न सवालों के जवाब ढूंढते हुए सृजन की नई धाराओं में भी प्रकट हो सकता है।

‘निठल्ला चिंतन' बिना किसी राग द्वेष या बिना किसी प्रयोजन के होता है, जो बैठे बैठे बिना बात के भी हमको दुनिया की सैर करवा देता है, ये हमारे ऊपर है कि हम उसकी सृजनशीलता को समझें। इस काव्य संग्रह में मेरा निठल्ला चिंतन आपको कुछ मानवीय विचारों जौसे कि धर्म, आध्यात्म, विज्ञान, महामारी, कोरोना, मारामारी (हिंसा), इत्यादि विषयों पर मेरे वैज्ञानिक विचारों की काव्यात्मक कोशिश से रूबरू करवाएगा।

चिकित्सा जगत से जुड़े होने के कारण मैंने इस कोविड19 महामारी के वैज्ञानिक, सामाजिक, एवं मानवीय पहलुओं को बहुत करीब से महसूस किया है, इसलिये इन 23 कविताओं में आपको ये सब पढ़ने को मिलेगा, वैसे ज्यादातर रचनायें महामारी के दौर से पहले की हैं, सभी रचनाओं को एक ‘वैचारिक कथ्य’ के रूप में पिरोने की कोशिश की गई है।

 


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